
सूर्य नवग्रहों में राजा है और एक अग्नि कारक ग्रह है, जिससे विचारक विषयों जैसे पिता, सरकार या सरकारी काम, कानून व्यवस्था, नौकरी में उन्नति, कानूनी उलझन से मुक्ति, बड़े व प्रशासनिक लोगों से जान-पहचान और उनसे सहयोग इत्यादि जुड़े होते हैं। सूर्य से मस्तिष्क, पेट, हड्डी और आरोग्यता का भी विचार किया जाता है। अगर सूर्य कुंडली में कमजोर हो, तो इन सभी से जुड़ी परेशानियाँ आने की संभावना रहती है।
जैसा कि सूर्य नवग्रहों में राजा है, तो किसी व्यक्ति का प्रभुत्व और नाम समाज में कितना फैलेगा—इसका विचार भी सूर्य से ही किया जाता है। सूर्य की स्वयं की राशि सिंह है और यह मेष राशि में उच्च का होता है तथा तुला राशि में नीच का। उच्च राशि, स्वयं की राशि और मित्र राशि में यह अच्छा फल देता है, जैसा कि ऊपर बताया गया है। वहीं, नीच की राशि और शत्रु राशि में यह खराब फल देता है।
सूर्य का सभी राशियों में फल
1. मेष का सूर्य
फल: अत्यंत प्रशासनिक, आत्मविश्वासी, नेतृत्व गुण वाला, साहसी, शासनप्रिय, महत्वाकांक्षी, उत्तम और आज्ञाकारी पुत्र, बुद्धिमान, शेयर मार्केट या सट्टा आदि से लाभ, पिता का नाम बढ़ाने वाला और पिता भी अच्छे कार्यक्षेत्र में कार्यरत।
2. वृषभ का सूर्य
फल: भोगवादी, सौंदर्यप्रिय, कला व संगीत प्रेमी, स्थिर विचारों वाला, शेयर मार्केट से लाभ, कुटुंब की मदद करने वाला, दूसरों के सामने प्रभुत्व दिखाने से धन हानि, स्त्रियों पर अच्छा प्रभाव न बना पाना।
3. मिथुन का सूर्य
फल: चतुर, बुद्धिवादी, अच्छे संप्रेषण कौशल वाला, लेखक, पत्रकार, गणितज्ञ, विभागीय लोगों से अच्छी पहचान, कला प्रेमी।
4. कर्क का सूर्य
फल: भावुक, पारिवारिक, कल्पनाशील, मातृगुण से युक्त, पारिवारिक भावना आहत होना, माता से वाद-विवाद, माता को वजन बढ़ने की समस्या, जोड़ों में दर्द की समस्या।
5. सिंह का सूर्य
फल: स्वाभाविक नेता, आत्मबल, साहसी, राजसी गुणों से युक्त, प्रतिष्ठा, शूरवीर और अच्छा पुत्र, पिता भी किसी विभाग में, अभिमानी बुद्धि, वाणी में कटुता, ज्ञानवान।
6. कन्या का सूर्य
फल: विश्लेषणात्मक, बुद्धिमान, व्यवहारिक, योजनाबद्ध, शत्रु पर विजय, पेट की समस्या, संतान से विवाद।
7. तुला का सूर्य
फल: दूसरों पर निर्भर, निर्णय में संकोच, समाज में किसी कारण स्वयं की छवि धूमिल होना, संतुलन की कमी, दूसरों के विवाद में खुद उलझ जाना, त्वचा रोग, पेट की समस्या, पिता को शारीरिक और कार्यक्षेत्र में परेशानी, वैवाहिक जीवन में अनबन, पत्नी या पति का जिद्दी स्वभाव।
8. वृश्चिक का सूर्य
फल: गूढ़ सोच वाला, तेज इच्छाशक्ति, रहस्यप्रिय, रणनीतिक, कभी बिना कारण क्रोध करना, कलहप्रिय, क्रूर, पित्त रोग की समस्या, त्वचा रोग।
9. धनु का सूर्य
फल: धार्मिक प्रवृत्ति, उच्च सोच, न्यायप्रिय, गुरु तुल्य, पिता के अच्छे गुणों को धारण करने वाला, धन खर्च को लेकर अच्छी समझ, तीर्थ यात्रा प्रिय।
10. मकर का सूर्य
फल: कर्मठ, अनुशासित, व्यावहारिक, धीमे लेकिन स्थिर प्रगति वाला, पिता से विवाद, कार्यक्षेत्र में सफलता, नीति और नियम बनाने वाला।
11. कुंभ का सूर्य
फल: समाजसेवी, वैज्ञानिक सोच वाला, नवाचार प्रेमी, बौद्धिक, परिवार को हर प्रकार के सुख के लिए कुछ भी कर गुजरने वाला, पोते के लिए विशेष प्रेम।
12. मीन का सूर्य
फल: आध्यात्मिक, संवेदनशील, कल्पनाशील, परोपकारी, किसी से कोई खास ना दोस्ती ना दुश्मनी, तीर्थ यात्रा प्रिय, देवी का उपासक, पुत्र से किसी कारण दूरी।
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